Saheli Ne Mujhe Randi Banaya
Saheli Ne Mujhe Randi Banaya

मैं आप सबको बता देती हूँ कि मेरा नाम अंजू है. मेरी उम्र 30 साल की है. फिगर बड़ा मस्त है.. एकदम सांचे में ढला हुआ, ये 32-36-38 का कटाव लिए हुए है. ख़ास बात ये कि मैं एकदम दूध सी गोरी और मक्खन सी कोमल हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 3 इंच है, मैरिड हूँ. मेरे पति का जॉब विदेश में होने के कारण वे मुझसे अलग बाहर ही रहते हैं. मैं यहां अपने बेटे के साथ रहती हूँ.. लेकिन लास्ट ईयर से बेटा पढ़ाई के कारण हॉस्टिल में रहने लगा है, सो अभी मैं अकेली ही रहती हूँ.

अब जब दस साल से पति बाहर हैं, कभी कभार आते हैं तो तो मेरी सेक्स की इच्छा अधूरी ही है और वैसे भी मेरे पति को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं है, मुझे अभी सिर्फ़ साल में 2-3 बार ही सेक्स का सुख मिल पाता है, जिससे मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूँ.

अब चूंकि जब से अकेली रहने लगी हूँ, तब से मेरे मन में सेक्स की इच्छा पूरी करने के लिए किसी और के साथ सम्बन्ध बनाने को लेकर बहुत सोचती हूँ, लेकिन थोड़ा डर भी लगता है, सो हिम्मत नहीं कर पाती हूँ.

मुझे नवरात्रों में डांडिया खेलने का बड़ा शौक है, मैं नवरात्रि में गरबा करने घाघरा चोली पहन कर हमारे काम्प्लेक्स के नज़दीक में, जहां गरबा होता है, वहां चली जाती हूँ

एक दिन वहां मुझे एक मेरे से छोटी उम्र की महिला मिली. उसका नाम नीतू था, वो मेरे पास वाले फ्लैट की है. उस लेडी से मेरी दोस्ती हुई. वो भी मेरी तरह शौकीन मिजाज की थी.

अब हम दोनों का नवरात्रि के बाद भी एक दूसरे के घर आना जाना, बात करना शुरू हो गया था. हम दोनों एक सी विचारधारा की थी तो अपनी पर्सनल बातें भी करने लगी थी.
वो मुझे कई बार बोलती थी कि आप इतने साल से बिना सेक्स किए कैसे रहती हो.. मुझे तो मेरा पति रोज एक बार तो चोदता ही है, फिर भी मैं संतुष्ट नहीं हो पाती हूँ, सो मैं दूसरे के पास भी चली जाती हूँ.

इस तरह से उसने मुझे उसके विकाश अफेयर के बारे में भी बताया और मुझसे पूछा- आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है?
तो मैंने ना बोला.

एक दिन उसने मुझसे बोला- आज सिनेमा देखने का मूड है, चलो सीमा, चलते हैं.
मैं भी बोर हो रही थी, मैंने हां बोल दिया. हम सिनेमा के लिए हमारी सोसायटी से थोड़े दूर ही निकले थे कि एक फ़ौरचूनर कार आई.
उसने मुझसे बोला- चलो सीमा, गाड़ी में बैठो.
मैं तो कुछ समझ ही नहीं पायी. कार में आगे की सीट पर ड्राइवर और एक गन वाला आदमी था.

बीच की सीट में एक उम्रदराज आदमी बैठे थे, समझो करीब 50 साल के ऊपर के रहे होंगे. वो आदमी एकदम हट्टा कट्टा, थोड़ा काला, मुँह में पान चबाए हुए था. वो कुर्ता और लुंगी पहने हुए एक मुस्लिम था. उसकी दाढ़ी भी एकदम सफ़ेद थी.
नीतू उसके पास बैठी और मैं नीतू के पास बैठ गई. अब हम तीनों फिल्म देखने आ गए, वो नीतू के कंधे पे हाथ डालकर बैठा था और जब थोड़ा अंधेरा हो जाता तो वो उसके मम्मों को दबा देता था.. ये सब मैं देखती थी.

फिर आधी फिल्म खत्म हुई, तो हम निकल आए. वो अपनी कार को सिटी से दूर एक फार्महाउस पर ले गए, वहां मुझे एक हॉल में बिठा कर वो दोनों करीब दो घंटे तक एक रूम में जाकर एंजाय करते रहे.. फिर उसने हम दोनों को घर छोड़ा.

मैंने नीतू से पूछा तो उसने बताया कि मैंने तुम्हें बोला था ना, मेरा लवर है.
मैंने बोला- इतनी उम्र का?
तो वो बोली- उम्र से क्या होता, वो कितना पैसा मेरे लिए खर्च करता है और जितना सेक्स का मजा देता है, ऐसा तो कोई 25 साल का लड़का भी नहीं देगा.
मैं उसकी बात सुनकर हतप्रभ थी.

ऐसे ही मैं उसके साथ 3-4 बार गई और वो दोनों एंजाय करते थे.

एक दिन नीतू मेरे घर आई थी. उसने मुझे बोला- अंजू तुम्हारे लिए एक ऑफर है.. बताऊं?
मैंने बोला- हां, बोला ना?

उसने बोला कि मुझे उन्होंने मतलब उसके लवर ने बोला है कि उनका एक दोस्त जयपुर से अगले वीक दो नाइट के लिए आने वाला है, यदि तुम उनको खुश करो तो..!
मैंने तो एकदम मना कर दिया- तुम क्या बोलती हो नीतू !
फिर उसने बोला- जल्दी मत करो अंजू .. आराम से सोचना.. फिर बोलना, एकदम से मत बोलो. देखो तुम वैसे भी बिना सेक्स तड़पती हो, ये मैं जानती हूँ. तुम कैसे अपनी रातें काटती होगी, यहां तुम्हें सेक्स का सुख भी मिलेगा और सेफ्टी भी, ऊपर से वो तुम्हें 2 नाइट के लिए 1 लाख रूपया भी देंगे.

मैं उसकी बात सुनकर चुप रही.
फिर उसने अपने फोन से उसके लवर को कॉल किया और बोला- मैंने अंजू से आने को बोला है. लेकिन वो मना करती है.

फोन स्पीकर पर था, तो सामने से उन्होंने बोला- देखो कोई बात नहीं.. ये तो मैंने सोचा कि तुम्हारी सहेली है, इसलिए.. वरना मेरे पास 10 औरतों का बायोडाटा फोटो के साथ है. वो तो मेरे दोस्त को एकदम घरेलू जैसी ही चाहिए थी, सो मैंने बोला, बाकी जैसी उसकी मर्ज़ी, लेकिन जो भी है, मुझे कल बताना. फिर जिसको सिलेक्ट करूँगा, उसके लिए कपड़े वगैरह भी सब बनाना है.

इतनी बात के बाद उसने कॉल कट कर दिया. नीतू भी मुझे सोचने का समय देकर चली गई.

उस दिन पूरी रात मुझे नींद नहीं आई. मैं सोचती रही. मेरे मन में सेक्स की तो इच्छा थी ही, रात में सेक्स के बारे में सोचते सोचते मेरी चूत से दो बार पानी निकल गया, पूरी पेंटी गीली हो गई.

सुबह में नीतू का मैसेज आया- क्या सोचा?
मैंने बोला- तू पहले घर आ … फिर देखती हूँ.
फिर वो आई, मैंने बोला- नीतू मैंने आज तक कभी ऐसा नहीं किया, सो डर लगता है, सोसाइटी में किसी को पता चलेगा तो?
नीतू ने बोला- इस सबकी तुम बिल्कुल चिंता मत करो.. मैं हूँ ना.. और वैसे भी तुम्हें मालूम है, मेरे विकाश का, वो अपने एरिया के कॉरपोरेटर हैं और यहां के डॉन हैं. कोई तुम्हारे सामने आँख उठा कर भी नहीं देख सकेगा, जब कोई जानेगा कि तुम किसके साथ रीलेशन रखती हो, तो वैसे ही चुप हो जाएगा.

मैं चुप हो गई.. तो उसने सीधा फोन लगाया और उनको बोला कि अंजू तैयार हो गई है, अब और किसी को मत बोलना.
मैं तो देखती ही रह गई थी और उसने सीधा हां बोल दिया था. खैर.. मैंने भी मन बनाने को सोचा कि जो होगा देखा जाएगा.
फोन अभी चालू था और स्पीकर पर था.

उधर से उन्होंने बोला- ठीक है तो 3 बजे तुम दोनों बाहर आजो, मैं तुम्हें शॉपिंग के लिए ले जाऊंगा.. अभी 5 दिन बाकी हैं.

हम 3 बजे बाहर गए, उनकी कार आ कर हम दोनों को एक बहुत महंगे टेलर के पास ले गई. जहां कपड़ा भी उनके पास ही था, सिर्फ़ हमें कलर और फेब्रिक पसंद करना था.

मैंने और नीतू ने कपड़े पसंद किये. मेरे लिए एक चोली घाघरा का कपड़ा पसंद किया. सिर्फ वो कपड़ा ही 25 हजार का था, उसकी सिलाई 15 हजार थी. फिर हम मॉल गए, उधर हमने 3-4 सैट फैंसी अंडरगारमेंट लिए, मेकअप का सामान वगैरह सब ले लिया. उन्होंने उस दिन मेरे लिए 75 हजार से भी ज़्यादा खर्चा किया.. ये सब तो सिर्फ़ मुझे सजाने के लिए खर्च किया गया था.

नीतू मुझे शनिवार की सुबह में ही लेके निकल गई थी. वो बोली थी कि ब्यूटीपार्लर जाना है. जब मैं वहां आ गई तो मेरी बगलों के बाल, मेरी चूत के बाल, लेग वगैरह सब जगह वॅक्स करके एकदम मुझे चिकनी बंदी बना दिया गया.

इसके बाद मुझे वो करीब 4 बजे फार्म हाउस लेकर गई. मैंने देखा पूरे फार्महाउस पे सजावट हो रही थी. इतने आदमी काम कर रहे थे कि मुझे लगा कि कोई जलसा है.
मैंने बोला- इतना क्या है नीतू यहां?
उसने बोला- वो जो उनके दोस्त आने वाले है, उनके लिए पार्टी अरेंज की है, ये सब उसी की तैयारी हो रही है. रात में पार्टी होगी, करीबन 150 लोग होंगे. पार्टी में सब मर्द उनके, जो बिजनेस रिलेटेड हैं, वे सब शिरकत करेंगे.

ये देख कर मैं शर्मा रही थी.

उसने बोला- अब चिंता मत करो.. चलो ऊपर चलते हैं. आज का तुम्हारा रूम दिखाती हूँ, जिधर तुमको संतुष्टि मिलेगी.

जब उसने ऊपर जाकर रूम खोला, तो मैं हैरान थी. बाप रे.. मैं देख कर दंग रह गई. पूरा बड़ा हॉल जैसा रूम था, जिसमें 10×10 का एक बेड लगा हुआ था, उस बेड को ताजे फूलों से खूबसूरत तरीके से सजाया जा रहा था. अभी काम चालू था. एक तरफ सोफा था, एक डाइनिंग टेबल भी थी. मैं तो पागल जैसे रह गई थी.

नीतू बोली- सीमा, आज तुम्हारी सच में सुहागरात होगी.
यह कह कर वो हंसने लगी. मैं भी थोड़ा मुस्कुरा दी.

मुझे फिर उसने तैयार किया, चोली घाघरा पहनाया. मेरे लिए सोने का नैकलेस, रिंग, कंगन आदि सब लाया गया था. वो सब पहन कर दुल्हन की तरह सज गई.
फिर नीतू बोली- देखो अब वो 8 बजे आएँगे, तुम्हें उनका वेलकम करने जाना है ओके.. सिर्फ़ तुम अकेली होगी, तब मैं नहीं आऊंगी. तुमको उन्हें गुलदस्ता देकर गेट से पार्टी में लेकर आना होगा. फिर बारी बारी सब लोग उनको वेलकम करने आएँगे, फिर पार्टी शुरू होगी, तो वो तुम्हें लेकर ऊपर आएँगे.

अब नीतू धीरे से बोली- अंजू देखो. वो बहुत पैसे वाले हैं.. हां उम्रदराज हैं.. लेकिन अगर तुम उनको खुश करोगी, तो वो तुम्हें मालामाल कर देंगे.
मैं चुप रही.

फिर उसने बोला कि तुम्हारे बेड पे एक वाइट सिल्क का पेटीकोट रखा है, जब आप दोनों चुदाई शुरू करो, तुम अपने नीचे उसे रख लेना क्योंकि आज तुम्हारी रियल सुहागरात होगी, ब्लीडिंग हुई तो वो बेडशीट खराब ना हो और तुम्हें अपने सुहागरात की निशानी भी तो रखनी है ना.

इतना कह कर मुस्कुरा दी.

सब सैट हो गया था. अब मुझे भी चुदाई का इन्तजार था. ठीक 8 बजे वो आए, मुझे नीतू का लवर लेकर गया- चलो सीमा, बॉस आ गए हैं.
मैं गई, उनको गुलदस्ता देकर स्वागत किया. जब मैंने उनको देखा.. बाप रे कम से कम 6.5 फिट की हाईट, बहुत मोटा सा आदमी एकदम काला भुजंग, करीब 65 साल की उम्र दिखती थी.. दाढ़ी एकदम सफ़ेद थी. वो कुर्ता पजामा में था.

जब मैंने गुलदस्ता दिया, उन्होंने जानबूझ कर मेरे हाथ को भी छू लिया था. वे मेरे बदन को पूरा निहार रहे थे. उनका वजन कम से कम 125 किलो का होगा. मैं एकदम घबरा गई थी लेकिन अब मेरे पास कोई रास्ता भी तो नहीं था. वो स्टेज पे मुझे अपने साथ लिए खड़े रहे, जैसे उनकी मैं बीवी होऊं. वो मुझे लेकर खड़े रहे.. बारी बारी सब लोग आकर उनको विश करते थे.

ठीक 9 बजने को आया, सब लोगों का मिलना पूरा हुआ तो नीतू के लवर ने बोला कि बॉस अब आप भी ऊपर जाके खाना खाइए, आपकी पसंद का गुजराती भोजन तैयार है.
यह कह कर वो थोड़ा मुस्कुराया.

हम तीनों ऊपर चले गए. नीचे पार्टी चालू थी.
हम रूम में आए, नीतू के लवर ने बोला- बॉस प्लीज़ अन्दर जाइए, आज की नाइट के लिए बेस्ट ऑफ लक.. अंजू तुम्हें भी बेस्ट ऑफ लक.

जैसे ही उनके साथ मैं रूम में गई, वो भी अन्दर आ गए और उन्होंने दरवाजा लॉक कर दिया. मैंने देखा कि डायनिंग टेबल पर हर तरह के स्वीट, जूस, फ्रूट आदि सजे थे. एक से एक डिश सजी थीं.. पानी की बॉटल रखी थीं.

उन्होंने मुझसे बोला- सीमा, मुझे मालूम है तुम्हें रात में सिर्फ़ जूस एंड फ्रूट लेने की आदत है.. सो मैंने खाने के लिए सिर्फ़ वो ही तैयार करवाया है, लेकिन आज हमारी पहली मुलाकात है, सो स्वीट तो चलना ही चाहिए. इसलिए थोड़ी स्वीट भी रखी है. चलो बैठो, हम खाना खाते हैं.

हम दोनों बैठ गए, फिर उन्होंने मुझे एक गुलाब जामुन मेरे मुँह में डाला. मैंने आधा खाया और आधा उनके मुँह में डाल कर खिलाया. फिर हम दोनों ने 2-3 तरह के जूस पिए. एक-दूसरे का झूठा खाया. बिल्कुल पति पत्नी जैसी फीलिंग आ रही थी.

अब उन्होंने बोला- बस मेरा हो गया. फिर हम दोनों साथ में जाकर हाथ धोकर आए. उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठा लिया. मैं तो सोच नहीं सकती थी कि इस उम्र में एकदम इतना पावर होगा. उन्होंने एक झटके में मुझे उठाया और बेड पे लेकर गए.

मैंने उनको बोला- लाइट ऑफ कीजिए ना.
तो वो बोले- अरे जानेमन.. जिस जिस्म को देखने हम पिछले एक वीक से तड़प रहे थे, बिना लाइट के उस हुस्न को कैसे देखेंगे. जब से तुम्हारी फोटो देखी है, हम तो तुम्हारे दीवाने हो गए थे जान.
उनकी बात सुनकर मैं शर्मा गई.

फिर उन्होंने धीरे से मुझे बांहों में लेकर किस करना शुरू किया. धीरे से मेरी पीठ पर मेरी ब्लाउज में हाथ डालकर ऊपर से सहलाना शुरू किया. जब उनका हाथ मेरे बदन पे पड़ा, लाइफ पे पहली बार मुझे लगा कि कोई मर्द का हाथ है. उनके हाथों का स्पर्श एकदम मजबूत और सख्त था. अब मैंने भी धीरे से उनको बांहों में लेकर क़िस करना शुरू किया. मुझे तो ये सब करते ही एकदम पहली बार पानी छूट गया था.

अब उन्होंने मेरा ब्लाउज खोला और ब्रा के ऊपर से मेरे मम्मों को दबाने लगे.. चूचियों को सहलाने लगे. अब उन्होंने मेरा घाघरा भी निकाल दिया. मैं सिर्फ़ ब्रा पेंटी में रह गई थी. वो मेरे बदन को सहलाते निहारते रहे और मैं उनके बदन की सख्ती को स्पर्श करती रही.

जैसे ही उन्होंने मेरी ब्रा का हुक खोला, मेरे चूचे एकदम से बाहर उछल आए. वो अपने हाथ से मेरे मम्मों को मसलने लगे. मैंने धीरे से उनके सिर को मेरी एक चूची पे लगाकर एक निप्पल उनके मुँह में डाल दिया. मैं अपने हाथ से अपने चूचे दबाकर उनको चुसवाने लगी.

बारी बारी से वो मेरे दोनों अंगूर चूसते रहे. वे मेरे दोनों चूचुकों को बहुत हार्ड सक कर रहे थे.
मैंने बोला- आह.. धीरे जी.. काटना मत प्लीज़.

उन्होंने मुझे उनके कपड़े निकालने को बोला. मैंने पहले उनका कुर्ता निकाला. जब मैंने उनका पज़ामा देखा, मैं एकदम बेहाल हो गई. उनके पजामे का आगे का भाग इतना उभरा हुआ था कि मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था.

फिर मैंने पजामा निकाला तो अंडरवियर के ऊपर से देखा कि उनका लंड बहुत मोटा था. मेरे मुँह से निकल गया- बापरे इतना मोटा??? मैंने तो लाइफ में पहली बार देखा है.. मैं इसे नहीं ले पाऊंगी.
उन्होंने मुझे बांहों में लेकर बोला- अंजू डरो मत… कुछ नहीं होगा. हां फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द होगा, वो तो वैसे भी तुम्हारी रियल सुहागरात है, तो दर्द तो होगा ही.

यह कह कर वो मुस्कुराने लगे. फिर मैंने उनका अंडरवियर निकाला, एकदम काला कम से कम दस इंच लंबा और मेरी कलाई से भी मोटा लंड था उनका.. बिना स्किन का सुपारा था, एकदम चिकना और काला चुकन्दर जैसा दिख रहा था.

अब धीरे से उन्होंने मुझसे बोला- अंजू तुम इसे मुँह में लो.

मैं धीरे से नीचे जाके उनके पैरों के बीच में बैठ गई और उनका सुपारे पर किस करके धीरे धीरे मुँह में लंड लेना शुरू किया. उस सुपारे से कुछ मस्त कर देने वाली महक आ रही थी. कुछ ही पलों में मुझे लंड चूसना अच्छा लगने लगा. मैंने कम से कम 20 मिनट उनका लंड पूरा चूसा.

अब उनका मूसल सा लंड एकदम हार्ड हो गया था.. मेरी लार से.. और उनके रस से, उनका पूरा लंड चिकना हुआ पड़ा चमक रहा था. इस समय वो मेरी चूत में उंगली डालकर सहला रहे थे, मेरी चूत भी एकदम गीली हो गई थी. मैं एकदम गरम हो गई थी.

फिर उन्होंने मुझसे बोला- अब लेट जाओ अंजू रानी.. मैं लंड अन्दर डालता हूँ.
मैं अपने पैर खोल कर चित हो गई.
फिर वो मेरे ऊपर आकर बोले- अंजू मेरा वजन झेल लोगी ना?
मैंने बोला- हां..

Jab Chudi Huyi Choot Ki Sikayi-1

जैसे उन्होंने अपना लंड मेरी चूत के होल पर रखा, मैंने अपने हाथ से उसे थोड़ा सा अपनी चूत पे घिसते हुए लंड को चुत के होल के ऊपर रखा और उनको धीरे से बोला- हां अब डालो.
उन्होंने लंड को अन्दर डालने की जैसे ही कोशिश की, मेरे मुँह से ज़ोर से चीख निकल गई- बाप रे ईई.. मर गईईई.. कोई बचाओ..
फिर भी उन्होंने एक ज़ोर से झटका मार दिया. मेरी चूत तो जैसे फटी जा रही थी. ऐसा लग रहा था कि आज किसी ने गरम सरिया मेरी चूत में पेल दिया हो.

मैं लगभग बेहोश हो गई थी. फिर वो थोड़ी देर रुके, फिर एक ज़ोर से झटका मारा. मैंने मरी सी आवाज में बोला- अभी कितना गया?
उन्होंने बोला- आधा गया है.. अब एक ही झटके में पूरा घुस जाएगा सीमा.
यह कहते ही उन्होंने एक ज़ोर से झटका दे मारा, मेरी आँख से आँसू निकल गए. उनका पूरा मूसल लंड मेरी चूत के अन्दर चीरता हुआ चला गया.

मैं दर्द से कलप उठी. करीब 5 मिनट वो ऐसे ही पड़े रहे. फिर धीरे धीरे उन्होंने मेरी चूत में लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया. कुछ देर के दर्द के बाद अब मुझे भी अच्छा लगने लगा था. हां मेरी चूत के अन्दर बहुत जलन हो रही थी, दर्द भी बहुत ज्यादा था, अब खूब मज़ा भी आने लगा था.

वो मेरे ऊपर ही चढ़े हुए मुझे ज़ोर ज़ोर से चोद रहे थे.. साथ में मेरे बूब्स को भी दबा रहे थे. मैं उनकी पीठ सहलाती जा रही थी. मेरे मुँह से मस्त कामुक आवाजें निकल रही थीं- उहह.. अहह..

कुछ देर की मस्त चुदाई से हम दोनों के बदन एकदम पसीने से भीग गए थे. वे मुझे पेलते हुए बोले- अंजू तुम मेरी लाइफ में 22 वीं औरत हो, जिसे मैं चोद रहा हूँ.. लेकिन तुम जैसी इतनी कमाल कोई नहीं देखी.. आह.. क्या मस्त चूत है, साली लंड को छोड़ती ही नहीं है.. एकदम अन्दर पकड़ के रखा है.

उनकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा दी और उनको चूम लिया. उन्होंने मुझे कम से कम 45 मिनट तक चोदा.. इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी. वे अब भी मुझे चोदने में लगे थे.

वो तभी एकदम तेज हुए और बोले- अब मेरा निकलेगा.. आज पहली बार है सो चूत में ही निकालूँगा.
तभी एक ज़ोर से गरम पिचकारी मेरी चूत में मुझे फील हुई और मेरी चूत पूरी भर गई. वो मेरे ऊपर ही छा गए.
दस मिनट तक लंड को चुत में डालकर पड़े रहे. नीचे मेरी चूत से रस बह रहा था.

फिर वो मेरे ऊपर से उतरे, देखा नीचे मेरे वाइट पेटीकोट पर बहुत खून निकला हुआ था.. उनका वीर्य भी था.
वो खुश होकर बोले- देखो, ये सच्ची सुहागरात हुई.

उन्होंने अपने दोस्त को कॉल किया कि नीतू को भेजो, मेरी अंजू उसको ये पेटीकोट, उसकी सुहागरात की निशानी देना चाहती है.
वे मुझे चूमते हुए बोले- जाओ थोड़ा दरवाजा खोलकर तुम ये नीतू को देकर आओ.

मैं जरा लंगड़ाते नंगी ही गई, थोड़ा दरवाजा खोला तो बाहर से नीतू बोली- बधाई हो सीमा..
उसने मेरे हाथ से पेटीकोट लिया और चली गई. वो जाते हुए बोली- पूरी रात के लिए बेस्ट ऑफ लक.

उस रात उन्होंने मुझे पूरी रात में 5 बार चोदा. मैं सुबह उठ ही नहीं पा रही थी, इतना दर्द हो रहा था.

वैसे ही दूसरे दिन भी उन्होंने मुझे 5 बार चोदा.

इसके बाद मुझे विदाई मिली, बहुत सारे जेवर, रुपए और सबसे बड़ी बात मेरी चूत को संतुष्टि मिली.

उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसन्द आयी होगी। अपने सुझाव, शिकायते, प्यार मुझे मेल करते रहें।

rship425@gmail.com

News Reporter

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