Dost Ki Biwi Bani Mashuka- Part 3
Dost Ki Biwi Bani Mashuka- Part 3

                    Dost Ki Biwi Bani Mashuka- Part 4

दो-चार धक्कों में ही मैंने अपना सारा माल जिम्मी भाभी की चिकनी चूत में डाल दिया और साफ़ करने के लिए बाथरूम की ओर चल दिया।

बाथरूम से धोकर साफ़ करके आया तो देखा कि यश जिम्मी को कुतिया बना कर चोद रहा है, वो उसके ऊपर चढ़ा हुआ था और जिम्मी की चुदाई कर रहा था।
वो अपने एक हाथ से जिम्मी के मम्मे भी मसल रहा था।

कुछ ही देर में यश भी आ गया और जिम्मी वहीं बिस्तर पर पेट के बल निढाल होकर लेट गई… यश बाथरूम की ओर चल दिया।

अब मुझे भी घर जाना था, मैंने कपड़े पहने, बिस्तर पर लेटी जिम्मी को चुम्बन किया और यश से नीचे दरवाजा खोलने को कहा और दबे पाँव नीचे आ गया।

अगले दिन 11 बजे जिम्मी का फोन आया, एक लम्बे किस के बाद उसने मुझे थैंक्स बोला।

मैंने उससे पूछा कि वो इतनी खूबसूरत है और यश भी बहुत सेक्सी है… फिर मुझे बीच में क्यों घुसा लिया?

जिम्मी ने बताया कि पता नहीं क्यों पर मैं उसे बहुत अच्छा लगता हूँ। सेक्स के दौरान जिम्मी और यश ने पाया कि अगर वो किसी तीसरे का नाम लेते हैं तो उन्हें सेक्स में ज्यादा मजा आता है।

यश उस दौरान जिम्मी की चचेरी बहन जो जिम्मी की ही हमउम्र और गठीले बदन की है, का नाम लेता था और जिम्मी मेरा नाम लेती थी।

जिम्मी ने बताया कि उसकी चचेरी बहन कावेरी तो फिलहाल जिम्मी की पकड़ में नहीं आ रही थी यश के लिए, हालाँकि जिम्मी और कावेरी आपस में बहुत खुले हुए हैं और एडल्ट जोक्स खूब शेयर करतें हैं और एक दो बार एक बिस्तर पर दोनों ने एक दूसरे के मम्मे दबाये और चूत में उंगली की है। पर यह कहने की कि कावेरी यश से चुदा ले, अभी तक जिम्मी की हिम्मत नहीं हो पाई है।

हाँ पर जब जिम्मी मेरा नाम लेती थी तो यश की चोदने की स्पीड बढ़ जाती थी और पिछले दिनों एक बार यश ने जिम्मी से पूछ ही लिया था कि अगर वो मुझसे जिम्मी को चुदा दे तो क्या जिम्मी कावेरी को यश से चुदने के लिए मना लेगी।

इस पर जिम्मी ने यश को कहा था कि वादा तो नहीं है पर अगले महीने कावेरी 2-3 दिनों के लिए यहाँ आएगी, उस दौरान जिम्मी पूरी कोशिश करेगी कि कावेरी यश से चुद जाए।

जिम्मी के बर्थडे वाले दिन जब मैं अचानक वापस आ गया तो जिम्मी बहुत घबरा गई थी कि चुदाई भी हुई नहीं और बात भी खुल गई कि जिम्मी मुझमें इंटरेस्ट रखती है।
तब उसने यश को कहा था कि बस एक बार यश मुझे घर बुला लाये, बाकी जिम्मी खुद सम्भाल लेगी।

जिम्मी ने मुझसे पूछा- सच बताना तुम्हें कैसा लगा?
मैंने कहा- मुझे तो अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि जिम्मी जितनी प्यारी और ख़ूबसूरत लड़की मेरे साथ बिस्तर पर थी, वो भी अपने पति की मौजूदगी में!

जिम्मी ने कहा कि उसे मेरे बात करने का और सलीके में रहने का स्टाइल बहुत पसंद था, पर अब उसे मेरा सेक्स करने का स्टाइल भी बहुत पसंद है।

उसने मेरे लंड का नाम ‘चैम्प’ रखा और मैंने उसकी चूत का नाम ‘परी’ रखा।
हमने अपने सेक्स का नाम ‘मस्ती’ रखा।

कुल मिलकर हमारे बीच अब एक नया रिश्ता जुड़ चुका था जिसमें रोमा और यश कहीं नहीं थे।

जिम्मी बोली कि मर्द कुछ भी बोले पर शक्की बहुत होता है। जिम्मी ने बताया कि यश को आज सुबह लग रहा था कि कहीं जिम्मी मुझसे जुड़ तो नहीं गई है इसलिए अब वो मुझे फोन यश से छिप कर करेगी, रोज ठीक 11 बजे, क्योंकि 11 बजे यश दुकान जाता है और अगले एक घंटा उसे फुर्सत नहीं मिलती।

इसलिए जिम्मी ने यश से कह रखा है कि अगर 11 से 12 के बीच जिम्मी का फोन व्यस्त आये तो यश समझ ले कि जिम्मी या तो अपने मायके वालों से बात कर रही है या अपनी सहेलियों से!
इसलिए इस बीच जिम्मी मुझे किया करेगी, वो भी लैंडलाइन पर…

यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

सच बेवफाई और प्यार बहुत शातिर बना देता है।
मैं और जिम्मी अब रोज 11 से 12 अपनी ‘मस्ती’ की बातों में डूबने लगे।

एक दिन यश ने मुझे कहा कि कल वो और जिम्मी सूरजकुंड मेला देखने जा रहें हैं।
उसने मुझसे कहा साथ चलने के लिए!

हालाँकि में उस दिन दिल्ली जा भी रहा था, पर मैंने उनके साथ जाने को मना कर दिया, कहा- जाओ और मस्ती कर के आओ!

शाम को जिम्मी भाभी का फोन आया और उसने मुझे साथ चलने के लिए दवाब दिया।

आखिर मैंने उससे इस बात के लिए बोल दिया- ठीक है, मैं दोपहर को सूरजकुंड पहुँच जाऊँगा।

अगले दिन मैं अपना काम निपटा कर दोपहर एक बजे करीब मेले में पहुँचा।
मुझे जिम्मी और यश मिल गए, जिम्मी ने जीन्स और टॉप पहना था।

हम लोगों ने रेस्टोरेंट में खाना खाया।

जिम्मी बोली- मुझे तो नींद आ रही है!
और ऐसा कहते उसने मेरी ओर यश से छुपा कर आँख मारी।

मैं समझ गया कि वह चुदासी हो रही है, मैंने उससे धीरे से कहा कि होटल में कमरा लेना पड़ेगा और दो हजार से कम का कमरा मिलेगा नहीं, क्यों दो तीन घंटों के लिए पैसा बर्बाद करती हो।

मगर उसे और यश को तो चुदाई सूझ रही थी। वहीं कॉटेज भी थीं जिनका किराया एक हज़ार रूपये था, जो शायद चुदाई के ही काम आती होंगी।

खैर, हम लोग एक कॉटेज में गए।
मैंने उन्हें एकांत देने के मूड से कहा- तुम लोग आराम कर लो, मैं घूम कर आता हूँ।

तब यश बोला- पहले हम बाथटब में नहा कर आते हैं, फिर बैठ कर गप्पें मारेंगे।

एक्स्ट्रा कपड़े तो लाये नहीं थे इसलिए उन दोनों ने अपने कपड़े कमरे में ही उतार कर तौलिये लपेट लिए थे।

तौलिये में जिम्मी का चिकना और संगमरमरी बदन क़यामत ढा रहा था, गोरी चिकनी उँगलियों पर उसने लाल नेल पॉलिश लगा रखी थी।

सच मेरा चैम्प तो जीन्स फाड़ कर बाहर आने को तैयार था मगर समय की मजबूरी थी, बिना यश से न्यौता मिले मैं कुछ नहीं कर सकता था।

मेरा खड़ा करके जिम्मी और यश नहाने चले गए।

अंदर से उनके चूमने, चिपटने की आवाज आ रही थी, मैं अपना लंड बाहर निकाल कर मुठ मारने की सोच ही रहा था कि जिम्मी तौलिया लपेट कर बाहर आई और मुझे एक चुम्मी देकर कान में फुसफुसा कर बोली- अभी यश नखरे कर रहा है, शायद आज चुदाई न हो!
सही बात यह थी कि यश इस बात से डर गया था कि कहीं जिम्मी उसके हाथ से निकल कर मुझसे प्यार न कर बैठे!

अब यश को कौन समझाए कि जिस बात से वो डर रहा है, वो तो हो चुका…
अब जिम्मी बीवी तो सिर्फ उसकी है पर माशूका मेरी है।

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *