Bhai Behan Ka Yarana- Part 2
Bhai Behan Ka Yarana- Part 2

                    Bhai Behan Ka Yarana- Part 3

अगले दिन चाय नाश्ता कर संजय और में किसी मॉल में शॉपिंग और जरूरी सामानों की खरीदारी करने के लिए गए। वहां मैंने संजय से ऐसी बातें शुरू की जिससे कि वह मुझे दोस्त मानने लगे।

मैं- यार श्लोक, सेक्स टेप पिक्चर बड़ी प्यारी थी। सेक्स प्ले, सेक्स को लेकर एक्सपेरिमेंट और कॉमेडी जोरदार थी। मुझे तो उस फिल्म की हीरोइन कैमरोन डियाज काफी अच्छी लगी। एकदम गोरी प्यारी सी!
संजय-हां जीजू, मुझे वह पसंद है, मैंने उसके काफी फिल्में देखी हैं!

मैं- मुझे लगता है कि हमें भी ऐसे सेक्स एक्सपेरिमेंट करना चाहिए!
संजय-क्यों जीजू, आपको ऐसा करने की क्या जरूरत पड़ने लग गई? दीदी आपका ख्याल नहीं रखती क्या?
मैं- तुम्हारी दीदी तो बड़ा ख्याल रखती है लेकिन साला आदमी का मन ही इतना चंचल होता है कि उसे एक ही लड़की का ख्याल काफी नहीं होता!
संजय-हां जी, बात तो आपकी सही है!

मैं- यार श्लोक, तुमने तो विदेश में रहकर पढ़ाई की है वहां तो तुमने कैमरोन जैसे गोरी महिलाओं के साथ काफी मजा किया होगा?
संजय-क्या जीजू, आप भी सारे राज जान कर रहेंगे!
मैं- अरे यार श्लोक, क्या बताऊं, तुम तो बाहर जाकर पढ़े हुए हो, तुम्हारी दोस्ती तो तुम्हारी पढ़ाई ही रही होगी लेकिन मुझे तो दोस्तों की आदत है। गांव में भी मेरे काफी दोस्त हैं और रोजाना उनके साथ उठना बैठना बातें करना सब बड़ा याद आता है. अभी यहां तो दोस्त भी तुम हो, साले भी तुम, रिश्तेदार भी तुम! इसलिए दोस्ती वाली बातें कर रहा हूं. चिंता मत करो, तुम्हारी दीदी से तुम्हारी तारीफ नहीं करूंगा.

संजय-चलो ठीक है जीजू, वहां सारे दोस्त वीकेंड पर कॉल गर्ल के पास जाते थे वहां पर मैंने काफी सारी अंग्रेजी महिलाओं की चुदाई की है। उसके बाद पढ़ाई के अंतिम साल में मेरे एक अंग्रेज महिला सेट हो गई थी। हमने जमकर सेक्स किया। खूब मजे लिए! और आप अपने बारे में बताइए?
मैं- यार, शादी से पहले तो मैंने भी बहुत मजे लिए! लेकिन किसी अंग्रेज महिला के साथ संबंध नहीं बना पाया, इस बात का मलाल है, इतने गोरे रंग की महिला के साथ सेक्स करना काफी मज़ेदार होता होगा!

संजय-गोरी महिला से आपका क्या तात्पर्य है हमारे परिवार में तो किसी का भी रंग सांवला नहीं। दीदी उतनी ही गोरी है जितने कि कोई अंग्रेज महिला… मुझे तो उनके रंग और किसी अंग्रेज महिला के रंग में कोई खास फर्क नजर नहीं आता और रही अंग्रेज महिला के साथ सेक्स संबंध बनाने की बात तुम इसका इंतजाम मैं अपने जीजाजी के लिए कर दूंगा। हां, बस दीदी को इसका पता ना चले वरना मैं अपनी बहन का घर बिगाड़ने वाला भाई बन जाऊंगा.

हम दोनों इस बात पर हंसने लगे.
चलो अच्छा हुआ, आज मेरा साला मेरा दोस्त बनने लगा था। मुझे विश्वास था कि समय के साथ हमारी दोस्ती बढ़ती जाएगी।

लेकिन इससे होने वाला था क्या? आपको पता है मेरे दिमाग में क्या चल रहा था?
चलिए बताता हूं:

संजय और अंजू एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। आशा भी मुझे प्यार करती थी।
अंजू की सेक्सी लंबी टांगों ने मेरे दिमाग में सेक्स का कीड़ा कर दिया था लेकिन मैं उसके साथ धोखे से जबरदस्ती या उसे पटा कर सेक्स नहीं कर सकता था और इसमें तो मजा भी नहीं आता। मैं संजय के साथ या आशा के साथ धोखा नहीं करना चाहता था। मैं तो बराबर का सौदा करना चाहता था और इस प्रकार का सौदा तो मैं कर चुका था। जी हां मैं वाइफ स्वैपिंग की बात कर रहा था। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह थी कि अंजू का पति और मेरी बीवी आपस में भाई बहन हैं। यह अदला-बदली का खेल शुरू करना इतना आसान नहीं था इसमें काफी रिस्क था। संजय से अंजू से बदनामी का तथा आशा से उसकी नजरों में गिर जाने का रिस्क था। लेकिन अगर रिस्क ना होती तो याराना रोमांचक कैसे बनता।

समय बीतता गया अंजू से मेरी भी हंसी मजाक होने लगी थी हम एक दूसरे को दोस्त की तरह ट्रीट करने लगे थे कभी-कभी अश्लील मजाक भी कर लिया करते थे जब चारों एक साथ बैठे रहते थे। लेकिन क्योंकि हम सारे व्यस्क थे इसलिए कोई इतना बड़ा इशू नहीं था।

खुलने में बीवियों की भी तारीफ करनी होगी क्योंकि नाश्ता करते हुए और ऑफिस जाते हुए गले लगना किस कर लेना आम बात हो गई थी। लड़कियों का छोटे कपड़े पहनना मुद्दा नहीं था। अंजू और आशा के कपड़े शरीर को छुपाते कम दिखाते ज्यादा थे, उनकी टाइट वाइट शर्ट उनके शरीर के अंगों का अंग प्रदर्शन खुलेआम करते थे। और दोनों देवियों ने अपनी गोरी सेक्सी टांगों को ढकना तो छोड़ ही दिया था। केवल उनके जांघों के ऊपर का हिस्सा ढका हुआ होता था।

रातों में अंजू के संजय के साथ मजे के साथ सेक्स में कराहने की आवाज आती रहती थी। कभी-कभी संजय की भी जोरदार आवाज आती। उनका इस तरह से सेक्स करना हमारे लिए पहेली था जिसे शायद आशा ने समझना उचित नहीं समझा। लेकिन अंजू की आवाज मुझे बेचैन कर जाती थी।

एक दिन ऑफिस के काम के बाद मैं और संजय दोनों खाली बैठे हुए थे तो मैंने मजाक में कह दिया- श्लोक, मेरे लिए अंग्रेज महिला के इंतजाम का क्या हुआ?
तभी संजय बोला- कभी किसी बहाने से दोनों की बीवियों को यहां छोड़ कर एक विदेश का दौरा कर ही लेते हैं, वहां जाकर आप का शौक तो पूरा हो जाएगा। लेकिन मेरा शौक नहीं पूरा होगा!
मैं- क्यों ऐसा क्या शौक है मेरे साले साहब को?
संजय-जीरो फिगर वाली जैसे शरीर रखने वाली खूब लड़कियों के साथ सेक्स कर लिया है लेकिन आजकल देसी पोर्न साइट पर भाभियों को देख देखकर मेरे मन किसी भाभी को ठोकने की लिए तड़पता है। भरे हुए शरीर की लेकिन मोटी नहीं… ऐसी महिला के साथ सेक्स करने को मिल जाए तो मनोकामना पूर्ण हो जाए। जैसे कि बाहुबली फिल्म की अनुष्का शेट्टी!

इतने में मैं उसकी बात काट कर बोला- या फिर बाहुबली की तमन्ना भाटिया? है ना?
संजय हंसने लगा और कहने लगा- हां, वह भी मुझे काफी पसंद है!
संजय से बात सुनकर मेरा मन काफी खुश हुआ उसकी यह मनोकामना तो आशा का शरीर पूरा कर सकता था। तमन्ना भाटिया के सेक्सी शरीर को लिए हुए गोरे रंग की अप्सरा थी रीना।
साड़ी पहनने के कारण एक सेक्सी भाभी का रोल प्ले भी कर सकती थी।

मैंने अपना पासा फेंका और संजय का ध्यान आशा पर लाने के लिए कहा- यार सेक्सी भाभी तो मेरे पास है लेकिन मुझे तो पतली कमर और जीरो फिगर वाली महिलाएं ज्यादा आकर्षित करती है जैसे कि लियाना डिक्रूज, कृति सेनन!
संजय-कृति सेनन तो मेरे पास है!
और हम दोनों इस बात पर हंसने लगे.

मैं खुश था क्योंकि संजय को मैंने यह एहसास करा दिया था कि हम दोनों की पसंद एक दूसरे के पास है। आग तो संजय के अंदर भी लगी थी, मुझे बस उसमें घी डालना था और उस आग की लपट को आशा की तरफ मोड़ना था।
दोनों जीजा साले अश्लील बातों में इतना डूब गए थे कि दिनभर ऑफिस में भी अश्लील बातें ही करते रहते थे सेक्स के अलावा हमारे पास और कोई टॉपिक नहीं था.
घर आकर हम अपनी अपनी बीवियों की जोरदार ठुकाई करते.

इस बीच संजय और मैंने अपने पसंद के सेक्स आसन भी शेयर कर लिए थे। मुझे पता था कि जब मैं उसे अपना पसंद का सेक्स आसन बता रहा हूं तो कहीं ना कहीं मन मैं वह अपनी बहन को उसके सामने रखकर देख रहा होगा।

एक दिन ऑफिस में हम दोनों बैठकर पोर्न फिल्म देख रहे थे, पोर्न फिल्म सामूहिक चुदाई की थी.
इस पर संजय बोला- यार जीजू, आजकल यह चलन बहुत चल रहा है ग्रुप सेक्स का।
इस पर मैंने अगला पासा फेंक ही डाला और कहा- हां यार, ज्यादातर फिल्मों में दो जोड़े आपस में अपनी प्रेमिका बीवियां या अपनी बहनों को बदलकर सेक्स करते हैं और फिर आपस में चारों सेक्स करने लग जाते हैं इस तरह एक ग्रुप बन जाता है और फिर चारों ग्रुप सेक्स करके मजा लेते हैं। वास्तव में यह बहुत उत्तेजना पैदा करने वाला विषय है.
संजय-हां मैंने सुना है स्वैपिंग के बारे में विदेश में… जहां मैंने पढ़ाई की थी, वहां मेरे सहपाठी अपने प्रेमिकाओं को बदलकर विकेंड मनाते थे।

अब मैं वो काम करने जा रहा था जिसे करने के लिए मुझे काफी हिम्मत चाहिए थी, मैं संजय को बताने जा रहा था कि हमने एक बार स्वैपिंग की है। यह मैं उसे इसलिए बताना चाहता था ताकि आशा को उसको देखने का नजरिया बदल जाए। आशा के प्रति उसके मन में वासना जागने लगे वह आशा को किसी और से चुदाई करते हुए कल्पना करने लगे और ऐसा होगा तभी तो मैं अपने लक्ष्य में कामयाब हो सकूंगा क्योंकि आशा जैसे शरीर को तो वह चोदना ही चाहता था.

मैं- हां यार श्लोक, वाइफ स्वैपिंग में मजा तो आता है। मजा मजा मजा मजा।
संजय-आप क्यों अपने मन में लड्डू फोड़ रहे हैं?
तब मैं बोला- मन का लड्डू? अरे नहीं यार, मैं लड्डू खा चुका हूं।
संजय-क्या क्या क्या… क्या कहा आपने? आप स्वैपिंग का लड्डू खा चुके हो?
मैं- हां जी संजय जी, सही सुन रहे हैं आप!

संजय-तो कौन सी गर्लफ्रेंड की अदला-बदली की थी आपने और हमें नहीं बताई यह रोमांचक कहानी?
मैं- गर्लफ्रेंड? मैंने कब कहा गर्लफ्रेंड? अरे मैं तो बीवियों की अदला बदली कर बात कर रहा हूं.
संजय-नहीं यार जीजू, आप झूठ बोल रहे हो। मैं नहीं मानता कि आशा दीदी…
मैं- अरे भाई श्लोक, तुम्हारी कसम… तुम्हारी आशा दीदी की कसम… हमने यह लड्डू बड़े मजे के साथ खाया है.

संजय-कैसे? कहां? अभी बताइए!
मैं- बस इसके आगे नहीं बताऊंगा… पर जो अभी बताया वह सच बताया है। मैं तो कहता हूं संजय कि तुम भी वाइफ स्वैपिंग का मजा ले कर देखो। दुनिया के जितने भी सेक्स है उनमें वाइफ स्वैपिंग जैसा मजा कोई सा भी सेक्स नहीं दे सकता। तीन साल होने को आए तुम्हारी शादी को… कभी चूत बदलने का मन नहीं किया?
संजय-मन तो किया लेकिन जितनी लड़कियां मुझ पर मरती है जब जीरो फिगर या फिर अंजू से शरीर की। लेकिन आपको तो मेरी चाहत पता ही है कोई भाभी सेट करवा लो या फिर वही करवा दो जिसके साथ आपने सेक्स किया था.

मैं- बेटा स्वैपिंग करने के लिए अपनी बीवी को भी किसी और को देना पड़ता है। क्या यह कर पाओगे?
संजय-अरे जीजू! अंजू और मैं एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं लेकिन अंजू बहुत खुले विचारों वाली है आप नहीं जानते किस किस तरह की उसकी सेक्स इच्छाओं को मैंने पूरा किया है। उसे तो मैं एक दिन में समझा सकता हूं। उसके शादी से पहले दो बॉयफ्रेंड थे और मेरी भी गर्लफ्रेंड और कॉल गर्ल की चुदाई के बारे में मैं उसे बता चुका हूं हम दोनों पति पत्नी होकर भी बेहद अच्छे दोस्त है। वह सब में कर लूंगा आप तो बस दूसरे कपल का इंतजाम करवाइए।

यह बात बोलते हुए मुझे बहुत डर लग रहा था कि दूसरा कपल हम हैं ना! इसलिए मैंने बात को यहीं विराम दिया और संजय को जल्द ही इसके बारे में बताने का वादा किया।

आज शाम को जब हम घर पहुंचे तो संजय गुमसुम गुमसुम था उसका व्यवहार अलग ही नजर आ रहा था। वह अपनी बहन को ऐसे देख रहा था जैसे नजर नजर में ही समझ लेना चाहता हो कि आशा ऐसा भी कर सकती है।

मैंने उसके 2 दिन बाद तक संजय की नजरों को पकड़ा कि किस तरह वह आशा के पैरों पेट व शरीर को देखता है। मेरे ख्याल से संजय के मन में आशा के प्रति कामवासना जागृत होने लगी थी। लेकिन एक भाई का अपनी बहन के लिए यह उजागर करना आसान नहीं था।

एक कदम तो मैं कदम सफलतापूर्वक आगे चल गया था। मुझे अगला कदम रखना था- संजय को आशा के साथ स्वैपिंग के लिए मनाना।

News Reporter

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